भूमिका एवं कार्य
सतर्कता आयोग सामान्यतया भ्रष्टाचार के निवारण तथा नियंत्रण के लिए प्रस्ताव बनायेगा और विशेषतः निम्नलिखित कार्य कर सकता हैः-
- (क) भ्रष्टाचार के अवसरों को दूर करने के उद्देश्य से किसी भी सरकारी विभाग या कार्यालय में अनुसरण की जाने वाली प्रक्रिया अथवा प्रथा में परिवर्तन करने के सम्बन्ध में सरकार को परामर्श देना।
- (ख) ऐसे आंकड़े तथा अन्य सूचना इक्ट्ठा करना जो उक्त प्रयोजन के लिए सुसंगत हों।
- (ग) जनता की शिकायतों को सुनने तथा उन्हें दूर करने के लिए अनुसरण की जाने वाली रीति तथा प्रक्रिया के बारे में सरकार को परामर्श देना।
- (घ) समस्त सरकारी विभागों, सरकारी कार्यालयों तथा सरकारी उपक्रमों से प्रतिवेदन, परिलेख तथा विवरण-पत्र मंगाना, जिससे कि वह ऐसे विभागों, कार्यालयों तथा उपक्रमों में किये गये सतर्कता तथा भ्रष्टाचार निरोधक कार्य का सामान नियन्त्रण तथा पर्यवेक्षण कर सके।
- (ङ) अपनी सिफारिशों पर किसी सरकारी विभाग, कार्यालय या उपक्रम द्वारा की गई कार्यवाही के सम्बन्ध में सूचना प्राप्त करना।
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(च) अपने कार्यकलापों के बारे में सरकार के सतर्कता विभाग को वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करना और सरकार का ध्यान किसी ऐसी सिफारिश की ओर आकृष्ट करना जो आयोग द्वारा अपने कार्यों के सम्बन्ध में की गई हो और सरकार या सम्बद्ध विभाग द्वारा स्वीकार या कार्यान्वित न किया गया हो।
न्यायाधिकरण के सदस्य तथा सतर्कता निदेशक सतर्कता आयोग के सदस्यों की हैसियत से ऐसी सूचना तथा आकड़े प्रस्तुत करेंगे जैसा कि आयोग द्वारा अपने कार्यों के दक्ष सम्पादन के लिए अपेक्षित हो।
सतर्कता आयोग विधान मण्डल के सदस्यों तथा शासन के सदस्यों के विरुद्ध शिकायतों के संबंध में कार्यवाही नहीं करेगा।
सतर्कता आयोग अपने कार्य, संचालन, बैठके आयोजित करने एवं अन्य ऐसे मामलों के संबंध में जो वह आवश्यक समझे, स्वयं अपने विनियम तैयार करेगा।
सतर्कता आयोग को एक उच्च-स्तरीय आयोग मानते हुए शासनादेशों में निम्नलिखित प्राविधान भी किए गए हैः-
सतर्कता आयोग की सिफारिश सामान्यतया स्वीकार की जानी चाहिए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सिफारिशों के संबंध में जिस प्रक्रिया का पालन किया जाता है उसी प्रक्रिया का आवश्यक परिवर्तन के साथ ऐसे मामलों में पालन किया जाएगा जिनमें सतर्कता आयोग की सिफारिशें स्वीकार या कार्यान्वित न की जाए। सतर्कता आयोग द्वारा समस्त प्राप्त शिकायतें सतर्कता निदेशालय को भेज दी जायेगी तथा पारवर्ती को सीधे अथवा अन्यथा प्राप्त समस्त शिकायतें, उनके सिवाय जो प्रथम दृष्टया निरर्थक प्रतीत हों, सरकार के सतर्कता विभाग को टिप्पणी सहित या बिना टिप्पणी के सरकार के आदेशार्थ भेजी जायेगी। सतर्कता विभाग में प्राप्त शिकायतों की विभाग द्वारा परीक्षा की जायेगी तथा निम्नलिखित कोई भी कार्यवाही की जा सकती है। - (अ) यदि शिकायत प्रथम दृष्टतया निरर्थक प्रतीत हो और आगे कार्यवाही करना आवश्यक न हो तो पत्रादि निक्षेप किए जायेंगे। नाम रहित तथा कल्पित नाम के प्रार्थना पत्रों पर सामान्यतया कोई ध्यान न देकर तत्काल निक्षेप कर दिये जाएंगे।
- (आ)यदि शिकायत से संबंधित तथ्य सरकार के पास पहले से उपलब्ध हों तो शिकायत की परीक्षा उसके आधार पर की जायेगी तथा आगे की कार्यवाही के संबंध में निर्णय लिया जायेगा।
- (इ)यदि जॉच औसत समझी जाये तो शिकायत सतर्कता निदेशालय को जॉच के लिए भेजी जायेगी।

उत्तर प्रदेश राज्य सतर्कता आयोग