भ्रष्टाचार एक अभिशाप है जो राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का क्षरण करते हुए तीव्र विकास एवं आर्थिक वृद्धि के प्रभाव को खोखला कर रहा है । भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई जन सहभागिता के बिना अकेले नहीं लड़ी जा सकती । प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता एवं कार्य प्रक्रिया का सरलीकरण करके काफी हद तक भ्रष्टाचार की संभावना को कम किया जा सकता है । आधुनिक तकनीक का प्रयोग भी भ्रष्टाचार रोकने में प्रभावी हो सकता है ।

उत्तर प्रदेश सतर्कता आयोग भ्रष्टाचार के अभिशाप को खत्म करने के प्रयास में सही सोच रखने वाले सभी लोगों के सहयोग को आमंत्रित करता है। जनता के किसी भी सदस्य को उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों / कर्मचारियों से संबंधित पंचायतों, बोर्डों, निगमों और सरकारी सहायता प्राप्त संगठनों से संबंधित सार्वजनिक सेवाओं में कदाचार, दुर्व्यवहार या भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायत उत्तर प्रदेश सतर्कता आयोग में दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत सीधे उत्तर प्रदेश सतर्कता आयोग को भेजी जा सकती है।